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अमिताभ बच्चन


 '' मुझे दो तरह की लड़कियाँ पसंद नहीं आती.... एक वो जो मेरे पास आने में बहुत देर लगायें .... और एक वह जो बहुत जल्दी आ जाए ''

         क्या आपको यह डायलॉग किसने कब कहाँ  और कौनसी फिल्म में  कहा था, आपको यह याद आ गया ? उस दौर में यह डायलॉग युवाओं के बीच बहुत प्रचलित था। हाँ ! यह डायलॉग सं.1978 में निर्माता नरीमन ईरानी की फिल्म '' डॉन '' में अपने बेमिसाल अभिनय और दमदार आवाज़ से जानेमाने अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा था। 

       इसी फिल्म का एक और डायलॉग '' डॉन का इंतज़ार तो ग्यारह मुल्कों की पुलिस कर रही है ''  यह भी बहुत लोकप्रिय था। सं. 1971 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म '' आनंद '' में उस दौर के लोकप्रिय अभिनेता राजेश खन्ना को अपने अभिनय एवं डायलॉग डिलीवरी के बलबूते मात देते हुए अमिताभ बच्चन ने हिंदी सिनेमा जगत के '' बॉलीवुड '' में एक अभिनेता से महानायक बनने का महत्वपूर्ण सफर तय किया है। फिल्म '' आनंद ''में उन्हें '' सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार '' का फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ था। 

      अमिताभ बच्चन ने हिंदी सिनेमा के लम्बे कॅरियर में अपने समकालीन अभिनेताओं के मुकाबले कई पुरस्कार अपने नाम दर्ज किये है। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के आलावा बारह फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुए है। वैसे तो अमिताभ के नाम फिल्मफेयर के '' सर्वश्रेष्ठ अभिनेता '' का  पुरस्कार कई बार प्राप्त करने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। इन पुरस्कारों के आलावा भारत सरकार ने 24 सितम्बर 2019 को उन्हें '' दादासाहेब फाल्के '' पुरस्कार से सम्मानित किया है। 

                                                                                  
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सात हिन्दुस्तानी फिल्म

 
           सं. 1969 में निर्माता - निर्देशक ख्वाजा अहमद की फिल्म '' सात हिन्दुस्तानी '' से अमिताभ बच्चन ने अपना फ़िल्मी कॅरियर शुरू किया था।
उनकी खासबात यह है कि अपनी पहली ही फिल्म के लिए उन्हें '' सर्वश्रेष्ठ डेब्यूट '' के लिए राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार पाने का सन्मान प्राप्त हुआ है। 

          '' बॉलीवुड '' के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में एक कायस्थ परिवार में हुआ। उनके पिता हरिवंशराय बच्चन हिंदी साहित्य के छायावाद के कवियों में से एक थे। उनकी एक रचना '' मधुशाला '' आज भी अमर है। 

 अमिताभ बच्चन की अन्य अभिनेताओं के साथ फ़िल्में : -

          अमिताभ बच्चन ने अपने लम्बे अभिनय के इतिहास में '' बॉलीवुड '' के नए से लेकर पुराने अभिनेताओं के साथ अभिनय के अनेक रंग बिखरे है।जो इस प्रकार है ........

            दिलीप कुमार के साथ निर्देशक रमेश सिप्पी की फिल्म '' शक्ति '' [1982], संजीव कुमार के साथ निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म '' त्रिशूल '' [1978] और फिल्म '' सिलसिला ''[1981], धर्मेंद्र के साथ निर्देशक रमेश सिप्पी की फिल्म '' शोले ''[1975], निर्देशक विजय आनन्द की फिल्म '' राम बलराम '', जितेंद्र के साथ निर्देशक सी. वी. श्रीधर की फिल्म '' गहरी चाल '' [1973], शत्रुघ्न सिन्हा के साथ निर्माता यश जोहर की फिल्म '' दोस्ताना '' [1980], फिल्म '' काला पत्थर '' [1979], विनोद खन्ना के साथ निर्देशक राकेश कुमार की फिल्म '' खून पसीना '' [1977], निर्देशक मनमोहन देसाई की फिल्म '' परवरिश '' [1977], शशि कपूर के साथ निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म '' त्रिशूल '' [1978] और फिल्म '' दीवार '' [1975], संजयदत्त के साथ निर्देशक संजय गुप्ता की फिल्म '' काँटे '' [2002],निर्देशक अपूर्वा लखिया  फिल्म '' शूटआउट '' [2007], निर्देशक मिलन लुथरिया की फिल्म '' दीवार '' [2004] और निर्देशक राम गोपाल वर्मा की फिल्म '' डिपार्टमेंट '' [2012] , सैफ़ अली के साथ निर्देशक प्रकाश झा की फिल्म '' आरक्षण '' [2011],निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म '' एकलव्य '' [2007], शाहरुख़ खान के साथ निर्देशक आदित्य चोपड़ा की फिल्म '' मोहब्बतें '' [2000],निर्देशक आयन मुखर्जी की फिल्म '' ब्रह्मास्त्र '' [2020],अक्षय कुमार के साथ निर्देशक सुनील दर्शन की फिल्म '' एक रिश्ता '' [2001],निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म '' वक़्त '' [2005], निर्देशक अनिल शर्मा की फिल्म '' अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों '' [2004], अजय देवगन के साथ निर्देशक राजकुमार संतोषी की फिल्म '' ख़ाकी '' [2004], नविन निस्चल के साथ निर्देशक ज्योति स्वरुप  फिल्म '' परवाना '' [1971] और अनिल कपूर के साथ निर्देशक हौनि ईरानी की फिल्म '' अरमान '' [2003] सलमान खान के साथ निर्माता बी. आर. चोपड़ा की फिल्म '' बागबान '' [ 2003] इन सबके आलावा अमिताभ ने अपने पुत्र अभिषेक बच्चन के साथ निर्देशक आदित्य चोपड़ा की फिल्म '' बंटी और बबली '' [2005] में नज़र आये।

            हिंदी सिनेमा की फिल्मों के आलावा अमिताभ बच्चन ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई है सं.1984 में अपने मित्र स्व. राजीव गाँधी के लिए राजनीति में कूद पड़े। इसके लिए उन्होंने उत्तरप्रदेश स्थित इलाहाबाद से कांग्रेस पार्टी के टिकट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने अपनी लोकप्रियता का जलवा दिखाते हुए राजनीति के महारथी एवं उ. प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को करारी मात दी थी। 

             परन्तु अमिताभ बच्चन को राजनीति रास नहीं आयी, उन्होंने कुछ ही समय पश्चात राजनीति  अलविदा करते हुए समाजसेवा की ओर ध्यान लगाया। अमिताभ ने पोलियो उन्मूलन अभियान में बहुत ही सक्रियता  हिस्सा लिया। सं. 2005 में यूनिसेफ के द्वारा उन्हें HIV [एड्स ] तथा पोलियो उन्मूलन अभियान हेतु '' सद्भावना राजदूत '' नियुक्त किया गया था। 

          अमिताभ के फ़िल्मी कॅरियर में एक समय ऐसा आया की सं.1982  में मनमोहन देसाई की फिल्म '' कुली '' की शूटिंग के दौरान 26 जुलाई 1982 में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस फिल्म की शूटिंग बेंगलोर विश्वविद्यालय के परिसर में हो रही थी। इस शूटिंग में उनके सह - कलाकार पुनीत इस्सार के साथ लड़ाई के दृश्य के दौरान यह हादसा हुआ था। इस हादसे से '' बॉलीवुड '' की फ़िल्मी दुनिया घोर चिंता में डूब गई थी।    

अमिताभ बच्चन निर्माता के रूप में : - 

               अमिताभ बच्चन ने अभिनय के अतिरिक्त कुछ फिल्मों का निर्माण किया है। वे फ़िल्में इस प्रकार है ........

फिल्म '' विरुद्ध ''2005, फिल्म '' अक्स '' 2001,फिल्म '' मेजर साब ''1998 फिल्म '' तेरे  सपने '' फिल्म '' मृत्युदाता ''1997, के आलावा तामील भाषा में भी एक फिल्म बनायी है जिसका नाम '' उलासाम '' है। 

पार्श्वगायक के रूप में : -                            

                                                                             
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अमिताभ बच्चन

 1]  ' मेरे पास आओ मेरे दोस्तों ' फिल्म '' मि. नटवरलाल '' [1979],

 2]  ' मेरे आंगने में तुम्हारा क्या काम है ' फिल्म '' लावारिस '' [1981]

 3]  ' चल मेरे भाई तेरे हाथ जोड़ता हूँ  ' फिल्म  '' नसीब'' [1981]

 4]  ' जिधर देखूं तेरी तस्वीर ' फिल्म '' महान '' [1983]

 5]  ' जहाँ मिल जाएँ चार यार ' फिल्म '' शराबी '' [1984]

 6]  ' चली चली फिर हवा चली ' फिल्म '' बाग़बान '' [2003]

 7]  ' मै यहाँ तू वहाँ   '  फिल्म '' बाग़बान '' [2003]

 8]  ' होली खेले रघुवीरा '' फिल्म '' बाग़बान '' [2003] 

        इन फिल्मों के आलावा '' पुकार '' [1983], '' तूफ़ान'' [1989],  '' जादूगर '' [1989], '' खुदागवाह'' [1992], '' मेज़र साब '' [1998], '' अक्स'' [2001],'' देव '' [2004],'' बाबुल '' [2006] और '' भूतनाथ '' [2008] विशेष उल्लेखनीय फ़िल्में है जिनमे अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज़ की जादू से गीतों को लोकप्रिय बनाया है। 

        अमिताभ बच्चन को '' बॉलीवुड '' की फ़िल्मी दुनिया में ' हरफन मौला ' समझा गया तो गलत नहीं होगा। इसी कारण अमिताभ बच्चन सभी अभिनेताओं में सर्वश्रेष्ठ माने जाते है।